Saturday, September 19, 2026

Confusion in Tranquility

Sometimes everything around us is so tranquil.. that we feel confused by it… 


बहुत जल्दी बीत जाता है तेरे साथ ये वक़्त 

कमबख्त पलों में कुछ तो ठहराव होना चाहिए 


खुशियों में रज़ा हो जाती है थमे समंदर जैसी 

अब इन शोखियों में एक अल्हड़ बहाव होना चाहिए 

 

फ़राग़त, रज़ा और सुकून को यूँ ही ज़िंदा रखु कब तक 

दिखावे के लिए ही सही, एक घाव होना चाहिए ।


- आभास

Saturday, June 14, 2025

Foes and friends

 ये तजुर्बा तेरे रक़ीबों के.. ये ही तो मेरा रक़ीब रहा.. 

तू ख़ुद को मुफ़लिस कहता रहा.. तेरा हुनर मेरे क़रीब रहा 🙏🙏

आभास

Saturday, February 01, 2025

Long Lost Thoughts

 जाने क्यूँ भूल जाता हूँ ज़िंदगी की जद्दों जहद में 

थक कर जब भी रुका हूँ, खुद ही ख़ुद को से खोया हुआ पाया है |

एक एक तिनका एक एक कतरे से जब भी किया मंजिल को मुकम्मल 

नींदे सुकून ना मिली पर बेचैन सा अगली मंजिल का सपना नज़र आया है ||

- आभास

Friday, September 20, 2024

Last evening and intoxication

 फ़ुरसत चाहता नहीं अब दुनिया की भाग दौड़ से.. 

तेरी रुसवाइयों से अच्छी अब मेरी थकी शाम है .. 


कहने को तो कह सकता हूँ तुझे बेवफ़ा मगर..

तेरी बेवफ़ाई की है मेहर, की मेरे हाथ में ये माशूकाना जाम है 


- आभास

Monday, February 12, 2024

बार बार

 अपनों ने भी परायेपन का यूँ एहसास दिलाया है..

जो दे हमको तकलीफ़ बस उसी को बार बार दोहराया है..


 _आभास_


#random

#night

#me_and_myself

Monday, January 23, 2023

your eyes..

 तेरी आँखों में ही है कुछ गुस्ताखियों का सबब

भुला देती है सब कुछ, शाइस्तगी हो या अदब ।।

Monday, November 21, 2022

Road Trips...

Long term planners can take the liberty to be short term vagabonds.